यादव सिंह की गिरफ्तारी आँखों में धूल झोंकने के समान है - मौलिक भारत

सम्मानित साथियों,
    वन्देमातरम

मौलिक भारत के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के. विकास गुप्ता एवं महासचिव अनुज अग्रवाल ने आज दिनांक 4 फरवरी को अग्रसेन भवन से 33 नोयडा में आयोजित प्रेस वार्ता में नोयडा, ग्रेटर नोयडा एवं यमुना एक्सप्रेस वे प्राधिकरणों के पूर्व चीफ इंजीनीयर यादव सिंह की सी बी आई द्वारा गिरफ्तारी का स्वागत किया। संस्था ने कुछ दिनों पूर्व ही दिनांक 15 जनवरी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की पत्र लिखकर सी बी आई द्वारा यादव सिंह सिंडीकेट की जाँच में ढिलाई की शिकायत की थी, जिसके परिणामस्वरूप यह गिरफ्तारी संभव हो पायी।

मौलिक भारत इस गिरफ़्तारी को जांच की दिशा में सही, देर से लिया और अधूरा कदम मानता है, क्योकि हमने अपने पत्र जिसकी प्रति संलग्न है, में इस घोटाले में शामिल अनेक लोगों व पक्षों के बारे में बताया था किंतू उस दिशा में कोई कार्यवाही सी बी आई द्वारा नहीं की गयी। ऐसे में मात्र यादव सिंह की गिरफ्तारी आँखों में धूल झोंकने के समान है इसलिये मौलिक भारत सी बी आई से मांग करता है कि -

1. इस घोटाले में एक पूरा सिंडीकेट शामिल है जिसमे उत्तर प्रदेश की पूर्व की बसपा और वर्तमान की सपा सरकार के मुखिया के परिवार के लोग शामिल हें, उनको भी तत्काल गिरफ्तार किया जाये।

2. मौलिक भारत का मानना है कि इस पूरे घोटाले में यादव सिंह एक मुखोटा मात्र हें और इसमें बसपा और सपा दोनों राजनीतिक दलो के प्रमुख नेता, तीनो प्राधिकरणो के अध्यक्ष एवं सी ई ओ सहित दर्ज़नो सिविल सेवक, बिल्डर, ठेकेदार, अभियंता, प्रॉपर्टी डीलर, दलाल,पत्रकार आदि शामिल हें, इन सबके नाम यादव सिंह के घर पर आयकर विभाग के छापो के समय मिली डायरी में लिखे हें, फिर भी सी बी आई इन लोगों के विरुद्ध जानबूझकर और दबाब में कोई भी क़ानूनी कार्यवाही नहीं कर रही है, हम इन सब लोगों के विरुद्ध तुरंत उचित क़ानूनी कार्यवाही की मांग करते हें।

3. अगर सी बी आई इस दिशा में तुरंत कोई कदम नहीं उठती है तो मौलिक भारत यथाशीघ्र जनहित में उचित क़ानूनी कार्यवाही हेतू न्यायालय की शरण में जायेगा।

प्रतिष्ठा में,
आदरणीय श्री नरेंद्र मोदी जी
प्रधानमंत्री
भारत सरकार, नई दिल्ली

बिषय : सी बी आई द्वारा यादव सिंह सिंडिकेट की जाँच में ढिलाई के संबंध में शिकायत

माननीय महोदय, नॉएडा/ग्रे० नॉएडा/यमुना विकास प्राधिकरणों के पूर्व मुख्यअभियंता यादव सिंह की वर्ष 2014 पुनः नियुक्ति के पश्चात् हुई आयकर विभाग की छापे की कार्यवाही को 1 वर्ष से अधिक पूर्ण हो चुका है । इस प्रकरण पर मौलिक भारत संस्था ने पिछले वर्ष दिनांक 29 नवम्बर , 6 दिसम्बर,12 दिसम्बर व 24 दिसम्बर 2014 को नॉएडा व लखनऊ में प्रेस कांफ्रेंस कर घोटाले के विभिन्न पहलुओं को उजागर किया था। घोटालो की प्रेस कवरेज व सोशल मीडिया पर चले अभियान व हमारे दस्तावेजों के आधार पर हमारी सदस्या नूतन ठाकुर जी की याचिका पर इस मामले की सीबीआई की जांच के इलाहाबाद उच्च न्यायलय की लखनऊ पीठ ने आदेश दिए थे।

इस विषय पर विभिन्न स्तरों पर जाँच चल रही है तथा मुख्य रूप से सीबीआई ,एसआईटी (कालाधन) ,ईडी व इनकम टेक्स विभाग जांच कर रहे है। मौलिक भारत ने इस प्रकरण के सारे सबूत दस्तावेजो सहित सभी जांच एजेंसियो को उपलब्ध कराये हें। किन्तु जाँच की दिशा एवं गति अत्यंत धीमी है और स्पष्ट दिखता है कि सही अंजाम तक नहीं पहुँच पायेगी। आज भी एक आध को छोड़ यादव सिंह और अन्य अभियुक्त गिरफ्तार नहीं हुए हें और न ही बहुत से संदिग्ध पहलुओं की जाँच की गयी है। यथा यादव सिंह ने अपने पूर्व के कार्यकाल के दौरान चीन ,ऑस्ट्रेलिया ,अमेरिका ,ऑस्ट्रिया , सिंगापुर ,मलेशिया आदि देशो की यात्रा की थी । यह यात्रा क्यो की गयी ,इन यात्राओ का क्या प्रयोजन था तथा किन अधिकारियों ने इन यात्राओ की अनुमति दी ? यह सघन जांच का विषय है।पूर्व में मौलिक भारत ने यादव सिंह के द्वारा विदेशो में पूंजी निवेश व विदेशो से भारत में सेकडों फर्जी कंपनियो के माध्यम से निवेश को उजागर किया है, जिसमे उसके साथ सेकडों अन्य लोग भागीदार हें, किन्तु इन पहलुओं की ठीक से जाँच ही नहीं की गयी है।

यादव सिंह पर आयकर विभाग की कार्यवाही को एक वर्ष से अधिक होने के बावजूद तथा उसके खिलाफ अकाट्य सबूत होने के बाबजूद अभी तक उनकी गिरफ्तारी नहीं हुई है आखिर क्यों ? यादव सिंह की पिछली मायावती सरकार एवं वर्तमान अखिलेश सरकार के साथ मिलीभगत एवं संलिप्तता एवं आयकर विभाग को मिली डायरी में वर्णित सेकड़ो लोगो की गहन जाँच एवं कार्यवाही सी बी आई क्यों नहीं कर रही है ? यह भी जाँच का बिषय है।आज भी तीनों प्राधिकरण व उत्तर प्रदेश सरकार यादव सिंह को बचाने में लगी हुई है। कृपया तुरंत संज्ञान ले इस दिशा में कार्यवाही के निर्देश दे।

मौलिक भारत, आपसे अनुरोध करता है यादव सिंह की तुरंत गिरफ्तारी हो व उनका पासपोर्ट जब्त किया जाये।आज भी यादव सिंह अपने पहुँच व संसाधनों के कारण जांच को प्रभावित कर रहा है तथा सबूतों को नष्ट कर रहा है । इससे पहले यादव सिंह को प्रदेश सरकार द्वारा नियुक्त सीबी-सीआईडी अपनी जांच में पहले ही क्लीन चिट दे चुकी है तथा अदालत में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल करा चुकी है । इससे पहले सीबीआई द्वारा सेक्टर 44 में हुए भूमि आवंटन घोटाले की जांच का अब तक कोई अता पता नहीं है तथा दोषी अभी भी कानून की गिरफ्त से बाहर है, आखिर क्यों? यह सब गहन जाँच का बिषय हें।

मौलिक भारत आपसे यह भी अनुरोध करता है तीनो प्राधिकरणों में यादव सिंह को सहयोग करते रहे व कर रहे एवं सबूतों को नष्ट करने वाले अधिकारियों पर कार्यवाही की जाये व उनका तुरंत स्थानातरण किया जाय। यादव सिंह की सारी संपत्ति जब्त होनी चाहिये तथा यादव सिंह को क्लीन चिट देने वाले सीबी-सीआईडी के जांचकर्ता अधिकारिओ के खिलाफ भी तुरंत कार्यवाही होनी चाहिए। कृपया आदेश दे ताकि समयबद्ध रूप से केन्द्रीय जांच एजेंसियो अपनी जांच पूर्ण करके अदालत में अपनी रिपोर्ट दाखिल करे अथवा यह जाँच उच्चतम न्यायालय की निगरानी में कराने का अनुरोध भारत सरकार द्वारा माननीय न्यायालय से किया जाये।

भवदीय
के. (सेवानिवृत) विकास गुप्ता, उपाध्यक्ष
अनुज अग्रवाल,महामत्री ,
मौलिक भारत ट्रस्ट

www.maulikbharat.org

प्रति प्रेषित
अध्यक्ष, बिशेष जाँच दल, (काला धन)
मुख्य न्यायाधीश, भारत का सर्वोच्च न्यायालय
निदेशक, सी बी आई


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