मौलिक भारत का प्रथम राष्ट्रीय अधिवेशन संपन्न - प्रधानमंत्री को भेजा दस सूत्री ज्ञापन एवं मांगपत्र

राष्ट्रियता का भाव मजबूत करने हेतू पूरे देश में होगा संगठन का प्रसार - मौलिक भारत
विभाजन की राजनीति करने वालो के विरुद्ध शुरू होगा पोल खोल- हल्ला बोल अभियान

चंद्रशेखर आजाद जी के बलिदान दिवस पर 27 फरवरी 2016 को दिल्ली में आयोजित मौलिक भारत का पहला राष्ट्रिय अधिवेशन अनेक मामलो में उल्लेखनीय रहा।पहली बार संगठन का राष्ट्रिय स्वरुप देश के सामने आया वहीँ संगठन द्वारा जारी की गयी पुस्तक से संस्था की देशपरक गहन सोच और शोध,समग्र चिंतन, वैकल्पिक नीतियां, तीन बर्षों में किये गए कार्यो और उपलब्धियों से राष्ट्र व समाज को हुए फायदे और आगे किये जाने वाले कार्यों और सोच देश के सामने आयी। संस्था के संरक्षक आध्यात्मिक गुरु पवन सिन्हा, अध्यक्ष प्रसिद्ध कवि गजेन्द्र सोलंकी, महासचिव विचारक और पत्रकार अनुज अग्रवाल, उपाध्यक्ष और चर्चित समाजसेवी उमेश गौर, के. विकास गुप्ता और अमरनाथ ओझा तथा जुझारू संगठन मंत्री सुरेश शर्मा के साथ ही कोषाध्यक्ष राजेश गोयल और विभिन्न प्रान्तों के प्रभारियो एवं अध्यक्षों ने संस्था के चिंतन, दर्शन और कार्यो के साथ आगे के संघर्षो की रुपरेखा , संगठन को मजबूत करने के उपाय सदस्यों के सामने रखी तथा देश में राष्ट्रियता के भाव को मजबूत करने हेतू हर गांव - हर गली तक सकारात्मक और राष्ट्रवादी को बढ़ावा देने हेतू कार्य करने का आह्वान किया साथ ही जाति, वर्ग, भाषा और धर्म की राजनीति करने वाले दलों के विरुद्ध पोल खोल - हल्ला बोल अभियान चलाने का निर्णय लिया। संस्था ने जमीनी संघर्ष के लिए दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष जितेंद्र तिवारी, चुनाव आयोग में पारदर्शिता के लिए नीरज सक्सेना व् संजीव गुप्ता, यादव सिंह सिंडीकेट और डी एन डी के भ्रष्टाचार को उजागर कर संघर्ष हेतू के विकास गुप्ता, राजनीति में उतर जमीनी संघर्ष हेतू उत्तर प्रदेश के महासचिव पिंकी चौधरी और हरियाणा के प्रभारी नवीन कौशिक, अश्लीलता व् नशे के विरुद्ध संघर्ष हेतू तमिलनाडू की प्रभारी नाजरीन कृष्णमूर्ति , और संस्था को बहुमूल्य विधिक सलाह देने के लिए प्रसिद्ध वकील राहुलराज मालिक और विराग गुप्ता जी का बिशेष अभिनंदन किया गया। सम्मलेन में मिशन वन्देमातरम की और से जितेंद्र तिवारी ने चंद्रशेखर आजाद जी के बलिदान को स्मरण करते हुए इस दिन के महत्त्व को समझाया। अधिवेशन में सेकड़ो लोगो ने संस्था की सदस्यता स्वीकार की।

अधिवेशन को बिशिष्ट अथिति के रूप में हरियाणा के पूर्व आई जी व स्वराज मंच के संयोजक रणवीर सिंह जी, दिल्ली के पुलिस उपायुक्त जितेंद्रमणि त्रिपाठी, परमार्थ निकेतन ऋषिकेश से जुड़े राम नरेश मिश्रा , आईएमएस बिज़नेस स्कूल की पूर्व निदेशक डॉ. उर्वशी मक्कड़,उत्तरी-मध्य रेलवे कर्मचारी संघ के अध्यक्ष एवं पूव न्यायाधीश रूद्र प्रताप सिंह ने भी संबोधित किया और मार्गदर्शन दिया।

अधिवेशन में सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित कर प्रधान मंत्री , भारत सरकार को भेजने का निर्णय लिया, जिसका प्रारूप नीचे दिया गया है।

प्रतिष्ठा में ,

माननीय प्रधानमंत्री
भारत सरकार
नई दिल्ली।

विषय: मौलिक भारत ट्रस्ट के राष्ट्रीय अधिवेशन में पारित प्रस्ताव के अनुरूप मांगपत्र

हमारी संस्था देशभर के राष्ट्रवादियों और भारत से प्रेम करने वाले लोगों का संगठन है जो एक दबाब समूह और सामाजिक सक्रियता और संघर्ष के माध्यम से सुशासन, चुनाव सुधर, पारदर्शिता एवं भ्रष्टाचार उन्मूलन के साथ ही व्यवस्था में भारत की मौलिक संस्कृति और सोच के अनुरूप परिवर्तन की दिशा में कार्य कर रहा है। हमारे पिछले वर्षों में किये गए कार्यों का विवरण संलग्न पुस्तिका में वर्णित है।

आज दिनांक 27 फरवरी 2016 को हम सभी सदस्य सर्वसम्मति से राष्ट्रहित में निम्न प्रस्ताव पारित कर आपसे इसके तुरंत और प्रभावी क्रियान्वयन की मांग करते हें -

1. देश में अनेक राजनीतिक दलों ने राष्ट्रवाद की परिभाषा को उलझाने की कोशिश की है और प्रत्यक्ष व परोक्ष रूप से देशद्रोहियों व आतंकियों के साथ अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर उनके साथ खड़े दिखायी दे रहे हें, जो चिंताजनक है और हमारे सैन्य बलों का मनोबल तोड़ने वाला भी। आपसे अनुरोध है की पुनः राष्ट्रवाद, राष्ट्रहित एवं अभिव्यक्ति की आजादी की कानूनी परिभाषा से देश की जनता एवं शिक्षा संस्थानों में पढ़ने वाले छात्र/छात्राओं को स्पष्ट की जाये ताकि इस मुद्दे पर किसी भी प्रकार का भ्रम खड़ा कर आंतरिक और बाह्य तकते देश को बाँटने और अराजकता की बढ़ाने की कोशिश न कर सकें।

2. हमारी मांग है कि देश के सभी राजनीतिक एवं गैर सरकारी व सामाजिक संगठनो एवं मीडिया समूहों की गहन जाँच पड़ताल हो और देश में अराजकता और विभाजन फेलाने में उनकी भूमिका की है या नहीं इसकी जाँच हो और अगर कुछ गलत पाया जाये तो उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्यवाही की जाये।

3 . सभी दलों, सामाजिक संगठनों, विदेशी अनुदान से चलने वाली संस्थाओं व मीडिया समूहों से देश के संविधान के अनुरूप कार्य करते रहने के लिए शपथ पत्र लिया जाये।

4. देश में चल रही आरक्षण नीति की पुनर्समीक्षा हेतू गैर राजनितिक समिति बनायी जाये।

5. देश में दंगो, हिंसा, आतंक और आपदा के समय प्रभावित होने वाले लोगो के हितो की रक्षा हेतू राष्ट्रीय नीति बनायी जाये और सरकारी मंत्री और अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाये। दोषियों को सजा और विशेष न्यायालय बनाये जाएं जो तय समय में अपना निर्णय दे।

6. देश की अर्थव्यवस्था को आयत आधारित बनते जाने से रोका जाये और देसी, कृषि आधारित एवं रोजगारोन्मुख उद्योग व व्यापार को बढ़ावा दिया जाये।

7. यू पी ए सरकार के पिछले दो कार्यकालों में अर्थव्यवस्था की स्थिति पर श्वेत पत्र जारी किया जाये। साथ ही काली अर्थव्यवस्था, सट्टे, कालाबाजारी, जमाखोरी और मिलावट पर रोक लगाने के स्थायी उपाय किये जाएं।

8. पिछले 4-5 बर्षों में खुले घोटालॉ की जाँच बहुत धीमी चल रही है, इसे समयबद्ध तरीके से निबटाकर दोषियों को शीघ्र दंड दिया जाये।

9. देश में वृहद चुनाव सुधार समय की आवश्यकता हें, विधि आयोग एवं संसदीय समिति की सिफारिशों के अनुरूप इन्हें लागू करने की कार्ययोजना सरकार देश के सामने रखे।

10. संचार, मीडिया एवं फिल्मों में अश्लीलता, नशे, पश्चात्यता और सट्टे को बढ़ावा दिया जा रहा है, इस पर तत्काल नियंत्रण जरुरी है।

धन्यवाद।
भवदीय
समस्त सदस्य
मौलिक भारत ट्रस्ट
दिनांक 27 फरवरी, 2016


Trustees of Maulik Bharat
  • Rajesh Goyal
  • Vikas Gupta
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  • Dr. Amarnath
  • Dr Sunil Maggu
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