“पत्रकार सुरक्षा कानून” हेतु मौलिक भारत की संस्तुति -

प्रतिष्ठा में,
आदरणीय श्री नरेंद्र मोदी जी
प्रधानमंत्री भारत सरकार, नई दिल्ली

दुनिया के कई देशों में पत्रकार सुरक्षा कानून बने हैं, जो पत्रकारों को सही और सच्ची खबर लाने के लिये प्रोत्साहित करते हैं।

“ पत्रकार को कानूनी सुरक्षा” हेतु

1- “पत्रकार सुरक्षा कानून” अविलम्ब लागू हो।

2- पत्रकार/मीडियाकर्मी पर कवरेज के दौरान हमले को विषेश कानून के तहत दर्ज किया जाए।

3- पत्रकार/मीडियाकर्मी को कवरेज करने से रोकने को सरकारी काम में बाधा की तरह देखा जाए।

4- पत्रकार/मीडियाकर्मी पर दर्ज हुए मामलों की पहले स्पेशल सेल के तहत जांच की जाए, मामले की पुष्टि होने पर ही केस दर्ज किया जाए।

5- पत्रकार/मीडियाकर्मी पर दर्ज हुए मामले की जांच के लिये कम से कम पीसीएस या आईपीएस अधिकारी द्वारा जांच हो।

6- यदि पत्रकार/मीडियाकर्मी पर झूठा मामला दर्ज किया जाता है और उसकी पुष्टि होती है तो झूठा मुकदमा करने वालों के खिलाफ आजीवन कारावास और अधिकतम जुर्माने का प्रावधान हो।

7- पत्रकार/मीडियाकर्मी की हत्या को रेयरेस्ट क्राइम के अंतर्गत रखा जाए।

8- पत्रकार/मीडियाकर्मी की कवरेज के दौरान दुर्घटना या मृत्यू होने पर नि:शुल्क बीमा प्रदान किया जाए।

9- कवरेज के दौरान घायल हुए पत्रकार/मीडियाकर्मी का इलाज सरकारी अथवा निजि अस्पताल में नि:शुल्क किया जाए।

10- यदि पत्रकार/मीडियाकर्मी के परिजनो पर रंजिशन हमला किया जाता है तो उनका इलाज सरकारी अथवा निजि अस्पताल में नि:शुल्क किया जाए।

11- कवरेज के दौरान अथवा किसी मिशन पर काम करते हुए पत्रकार/मीडियाकर्मी की मृत्यु होने पर उसके परिजन को सरकारी नौकरी दी जाए।

12- पत्रकार/मीडियाकर्मी को आत्म सुरक्षा हेतु लाइसेंस इश्यू किया जाए।

13- सभी पत्रकार/मीडियाकर्मी को कवरेज के लिये राज्य तथा केन्द्र की ओर से आई-कार्ड जारी किया जाए।

14- प्रशासनिक व विभागीय बैठकों में पत्रकारों की उपस्थिति अनिवार्य हो।

15- पत्रकार/मीडियाकर्मी को कवरेज हेतु आवागमन के लिये आधे किराये का प्रावधान हो, तथा रेलवे में यात्रा के लिये शीघ्र आरक्षण का प्रावधान हो।

16- पत्रकार/मीडियाकर्मी के लिये टोल टैक्स में छूट प्रदान की जाए।

17- यदि पत्रकार/मीडियाकर्मी को धमकियां मिले तो उसकी सुनवाई शीघ्र हो तथा उन्हें सुरक्षा प्रदान की जाए।

सामाजिक सुरक्षा हेतु संस्तुतियां

1- राज्य एवं केन्द्र के स्तर पर “पत्रकार आर्थिक सुरक्षा निधि” योजना का संचालन हो।

2- 10,00,000 का नि:शुल्क बीमा सुनिश्चित हो।

3- गम्भीर बीमारी की स्थिति में अच्छे अस्पताल में नि:शुल्क इलाज की व्यवस्था हो।

4- पत्रकार/मीडियाकर्मी के लिये स्वास्थ्य बीमा योजना हो।

5- जिस तरह किसान ऋण योजना है उसी प्रकार पत्रकार/मीडियाकर्मियो हेतु ऋण योजना बैंको द्वारा संचालित हो।

6- पत्रकार/मीडियाकर्मियों हेतु कार्यालय योजना हो जिसमें सस्ते व आसान किश्तों पर कार्यालय उपलब्ध हों।

7- प्रिंटिंग प्रेस लगाने हेतु विषेश पैकेज व्यवस्था हो तथा प्रिंटिंग प्रेस पर आयत शुल्क में रियायत हो।

8- पत्रकार/मीडियाकर्मियों के बच्चों के लिये अच्छे शिक्षण संस्थानों में कोटा हो अथवा उनकी फीस में रियायत हो।

9- पत्रकार/मीडियाकर्मी हेतु आवास योजना हो, जिसमें सस्ते व आसान किश्तों पर आवास उपलब्ध हों।

जब तक लोकतंत्र के प्रहरी पत्रकार/मीडियाकर्मी की आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चि नहीं हो जाती तब तक किस तरह एक स्वस्थ लोकतंत्र की कल्पना की जा सकती है और किस तरह भारत विश्व में निष्पक्ष भयहीन और स्वतंत्र मीडिया होने का दम्भ भर सकता है। अत: सरकार से मौलिक भारत” मांग करती है कि जल्द से जल्द पत्रकार सुरक्षा कानून लागू किया जाए।

Respected Narender Modijee
Honrable Prime Minister of India
New Delhi 110001

SUBJECT - A humble request to Prime Minister Narender Modi about security of journalist

1. Our country India was dubbed as ' the most dangerous country in the world ' in 2012. What a shame! So, let parliament make a Journalists Protection Act.

2. 11 journalists were killed in India in 2013 ranking it third in the world in murders of journalists.The killings continue year after year. Hence, let parliament make Journalists Protection Act at the earliest.

3. A number of journalists are being killed in the country every year.:et parliament make a law to protect them. Enact Journalists Protection Act.

4. 113 cases of grievous hurt and atacks on journalists were officially reported in 2014 in the country. Protect journalists to protect democracy. Make Journalists Protection Act.

5. Do you know that 63 journalists were were grievously hurt in Uttar Pradesh alone in 2014. Bihar ranked second with 22 such cases; MP 7, Maharashtra 5, Andhra Pradesh 4, Jharkhand and Ggujarat 3 each, Assam and Tripura 2 each, besides other States. So, shouldn't there be a journalists protection law in the country? Say 'yes' if you agree.

6. Do you know 41% of all journalists killed in India are those covering politics and 29 % covering corruption? !!
What needs to be done?
A robust Journalists Protection Act should be made parliament.

7. Protect journalists. Save democracy.
Let parliament make a Journalists Protection Act.

8. We strongly appeal to all MPs to soon enact a Journalists Protection Act to stop wanton assaults and killing of media persons

.

9. In view of continued acts of killing of journalists year after year the government must immediately enact a Journalists Protection Act.

10. Thousands of media persons held a dharna at Jantar Mantar to demand a law o protect journalists against assaults and killings - a Journalists Protection Act.


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